Safarnaamaa... सफ़रनामा...
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Monday, 16 March 2015
Epilogue: Made for each other
I write and paint
They sign and sell,
and give me a cut
(I’m already cut all over)!
They toast and dine,
I eat and drink.
They perfume and fly,
I sweat and lurk.
They celebrate,
I survive...
Life goes by!
Thursday, 12 March 2015
कुछ हाइकु : फूलों पर…
1.
गुलमोहर
दहकता
बैसाख
बेबुझी
प्यास
।
2.
अमलतास
गुच्छे
गुच्छे
महक
मीठी कसक ।
3.
हरसिंगार
खुशबू
का सफ़र
ज़मीन
तक
।
4.
सुर्ख पलाश
वीरान पहाड़ियाँ
दिल में आग ।
5.
बेला
चमेली
ख़ुशबू
के
जँगल
जागती
रात ।
6.
लाल
गुलाब
शबाब
लबालब
बेमतलब ।
7.
रजनीगन्धा
मुजस्सिम ख़ामोशी
रंग-ओ-बू की ।
8.
जपाकुसुम
करती फ़ाश राज़
पंखुरी पाँच ।
PS:13.03.2015- Some add-ons...(as the 'blues' come later;))
9.
नीली
छतरी
आँखों
को
दे
ठंडक
जैकेरण्डा
की
।
10.
सिर
झुकाये
दर्द
भरी
दास्तान
जंगली
लिली
।
11.
फीकी
रंगत
उदास
इन्तज़ार
है
कचनार
।
Friday, 23 January 2015
Capturing Time..?
Linked to:
The Weekend in Black and White
इंतज़ार
कट
रही
है
ज़िन्दगी
इंतज़ार
में
हमारी
तुम्हारे
तुम्हारी
हमारे
!
उदास धुन
ख़ामोश
सर्द
शाम
गूँजती
रही
उदास
धुन
जैसी
देर
रात
तक
याद
तुम्हारी
आती
ही
रही
अलस्सुबह
तलक
और
फिर
एक
और
बेमानी
दिन
शुरू
हो
गया
.
दरिया-आकाश
तुम
ढूँढती
हो
मुझमें
सारा
आकाश
और
पाती
हो
बस
कुछ
साँस
,
मैं
चाहता
हूँ
तुमसे
बस
इक
क़तरा
और
पा
लेता
हूँ
पूरा
दरिया
.
लकीरें
क़िस्मत
औ
'
दौलत
की
तो
थीं
ही
नहीं
,
मेरे
हाथों
की
हदों
ने
थाम
लीं
वर्ना
जाने
कहाँ
तक
जातीं
ये
ग़म
की
लकीरें।
Saturday, 20 December 2014
Merry Christmas!
Linked to:
The Weekend in Black and White
Wednesday, 19 November 2014
उदासी
मुस्कुराहट से कहाँ छुपती है आँखों की उदासी
आँसुओं के समुन्दर आस्तीनों से नहीं पुंछा करते।
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