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Saturday, 28 March 2015

शीशम


ठण्डी कुइआँ
धूप-प्यास बलैयाँ
शीशम छैयाँ

                                                                                              Image courtesy: Google



चम्पा


रुसवा रात
चम्पा मनभावन
सुबह पाक


शेफ़ाली


हिले जो डाली
झर-झर-झरती
नत शेफ़ाली


मधुमालती


रात रंगीन
सुबह ग़मगीन
मधुमालती


चमेली


भोली चमेली
तारों भरी थी रात
सुबह सूनी 


रात-की-रानी


रातों तड़पे
सुबह चैन पाये
रात-की-रानी 


Friday, 27 March 2015

अनादि


दिगदिगंत
न आदि न ही अन्त
खोजो तो जानूँ 


Thursday, 26 March 2015

सपने


आँखें उनींदी
जितने चाहो बुनो
सपनों का क्या

Sunday, 22 March 2015

हाइकु छिपी / लम्बी एक पहेली / खेलो तो ज़रा


भोर की बेला
सावन की बरखा
मन मयूर

भरी दुपैरी
अब बस भी करो
कितना हुआ

डूबा सूरज
विचलित, बेचैन
शाम का तारा

घिरी रात
कहाँ है मेरा खाना
कहाँ बिस्तर