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Monday, 17 April 2017

उम्मीद

                                                           
Image from Google

उम्र अड़सठ  वर्ष
ख़ुद की मोटी पेन्शन भी,
उसके कमाऊ बेटों ने
उसे पेसमेकर लगवाया
दस साल चलने वाला
पच्चीस  साल वाला  नहीं,
जाने क्या सोच कर..
पैसों की तो कोई
कमी    थी!

30 comments:

  1. It would be better if you use the figures in words.

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  2. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, "आज़ादी के परवानों को समर्पित १८ अप्रैल “ , मे आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  3. this is awesome one, am speechless.

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    1. Glad you liked, Jyotirmoy:) Thank you:)

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  4. दस साल चलने वाला
    पच्चीस साल वाला नहीं
    छोटा रिचार्ज ! जल्दी खत्म होगा ! सच तो यही है , बुढ़ापा बोझ लगता है !

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  5. Only one word, Amit Ji. Khatarnaak!

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  6. बहुत सुंदर और कम शब्दो मे आपने जीवन की सच्चाई को व्यक्त किया है।

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    1. pasand karne ke liye aapka dhanywaad, Jyoti ji:)

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  7. This comment has been removed by the author.

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  8. Very nice.. A lot has changed over the years. For one life expectancy has increased considerably...

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  9. छोटी पर गहरी और चुभती हुयी बात ... ये आज के भौतिकतावादी समय की सचाई है ... दरकते रिश्तों की कहानी है ...

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    1. 'गहरी और चुभती हुयी..' aabhaar Digamber sahab!

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  10. आपकी लिखी रचना "मित्र मंडली" में लिंक की गई है http://rakeshkirachanay.blogspot.in/2017/04/16.html पर आप सादर आमंत्रित हैं ....धन्यवाद!

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    1. bahut-bahut dhanywaad aapka, Rakesh ji:)

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  11. ध्रुव सत्य का अनावरण करती रचना
    सादर

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    1. pasand karne ke liye dhanyawaad, Yashoda ji:)

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  12. वर्तमान समय में स्वयं से उम्मीद रखें ,सुन्दर रचना ,आभार।

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  13. बुढापा चीज ही ऐसी है जनाब

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